काबुलीवाला बना बाइस्कोपवाला: डैनी डेन्जोंगपा की नई फिल्म

फिल्मकार देब मेधेकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की मशहूर कहानी ‘काबुलीवाला’ को वर्तमान संदर्भों से जोड़ते हुए ‘बाइस्कोपवाला’ के रूप में परदे पर ला रहे हैं. इसमें मुख्य भूमिका डैनी डेन्जोंगपा निभा रहे हैं और उनके साथ गीतांजलि थापा, टिस्का चोपड़ा और आदिल हुसैन जैसे मंजे हुए कलाकार हैं. इस महीने की सात तारीख को टैगोर की 157वीं जयंती मनाई गई है और यह फिल्म 25 मई को प्रदर्शित होगी. 

अफगानिस्तान से भारत के संबंध प्राचीन काल से ही हैं तथा आज युद्ध और आतंक से तबाह देश के पुननिर्माण के लिए भारत उल्लेखनीय योगदान कर रहा है. इस प्रयास में हमें जानो-माल का भी बलिदान देना पड़ा है. ठीक इसी समय सात भारतीय कामगार अफगानिस्तान में अपहरणकर्ताओं के चंगुल में हैं. ऐसे में मेधेकर की फिल्म का महत्व बहुत बढ़ जाता है. यह फिल्म इसलिए भी विशेष बन जाती है क्योंकि बहुत लंबे समय के बाद डैनी किसी फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आयेंगे.

Danny-Denzongpa

टैगोर ने यह कहानी 1892 में लिखी थी जिसमें काबुल से मेवे बेचनेवाले अफगान और कोलकाता की एक पांच-वर्षीय बच्ची के लगाव का मर्मस्पर्शी बयान है. इसमें लेखक और उसकी बेटी मिनी, काबुलीवाला और उसकी बेटी तथा काबुलीवाला और मिनी के बीच अनुराग का चित्रण है. इस कहानी पर पहले भी फिल्में बन चुकी हैं जिनमें 1957 में बनी बांग्ला और 1961 में बनी हिंदी फिल्में महत्वपूर्ण हैं. टेलीविजन पर टैगोर की कहानियों की श्रृंखला में भी इस कहानी को फिल्माया गया था. 

इस नए संस्करण में काबुलीवाला मेवे बेचने नहीं, बल्कि बाइस्कोप दिखाने का काम करता है. सिनेमा के इतिहास में या मनोरंजन के साधनों में इस छोटे बक्से का उल्लेखनीय स्थान है. टीवी-वीडियो के लोकप्रिय होने से पहले तक गांव-देहात और दूर-दराज के इलाकों में इसी बक्से के सहारे सिनेमा पहुंचता था तथा बच्चे गोल शीशे के जरिये देश-दुनिया की सैर कर आनंदित और रोमांचित होते थे. हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के उस पहलू की याद दिलाने के लिहाज से भी बाइस्कोप दिलचस्प बन जाती है. 

आम तौर पर संघर्षों और युद्धों की कहानियों या विश्लेषणों में राजनीति, राष्ट्रीय हित, पूर्वाग्रह आदि हावी हो जाते हैं और उसके मानवीय और संवेदनात्मक पहलुओं को किनारे कर दिया जाता है. साहित्य और सिनेमा या अन्य कला-रूपों के माध्यम से इस कमी की भरपाई संभव है. इस नाते बाइस्कोपवाला आतंक और युद्ध की त्रासदी को हमारे दिल और दिमाग तक लाता है. अनेक पीढ़ियों में लोकप्रिय रहीं साहित्यिक कृतियों को पर्दे पर उतारना आसान काम नहीं होता है क्योंकि हर पाठक के मन में उस कहानी की विशेष छवि होती है. यह बाइस्कोप के निर्देशक और लेखक के सामने भी चुनौती रही होगी. सवा सौ साल से भी पहले लिखी गयी कथा को नए संदर्भों में परिणत करना भी कम जोखिम का काम नहीं है क्योंकि ऐसा करने में किरदारों की मासूमियत और कथा के मार्मिक प्रभाव पर असर पड़ने की आशंका रहती है. खैर, मेधेकर और उनकी टीम के काम की पूरी समीक्षा तो फिल्म देखने के बाद ही की जा सकती है, पर इसके ट्रेलर ने उम्मीदें बढ़ा दी है.

34

सत्तर वर्षीय डैनी डेन्जोंगपा भारतीय सिनेमा का जाना-माना नाम हैं. अपने लंबे सिनेमाई करियर में उन्होंने हर तरह की भूमिकाएं की हैं. मुकुल आनंद की फिल्म ‘खुदागवाह’ में अफगानी की भूमिका के लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया जा चुका है. पर बाइस्कोप के डैनी ने इसमें जवानी से लेकर बुढ़ापे तक का सफर किया है और कई तरह के भावों को जीया है. बहुत समय से वे छोटी भूमिकाएं ही करते आ रहे हैं. पर इस फ़िल्म में उनके प्रशंसक जीभरकर उनकी अदाकारी का आनंद उठा सकेंगे.

कोलकाता में अफगानी बाशिंदों की मौजूदगी बहुत लंबे समय से है. फिलहाल करीब पांच हजार अफगानी परिवार हैं. बीते दशकों की अस्थिरता के कारण भी दिल्ली समेत कुछ अन्य शहरों में अफगानी शरणार्थी आ बसे हैं. मनोरंजन और भावनात्मक जुड़ाव के साथ शायद यह फिल्म दर्शकों को अफगानिस्तान की मुश्किलों और वहां के मानवीय संकट के बारे में भी संवेदनशील बनाने में मदद कर सकती है. बहरहाल, जिस फिल्म का आधार टैगोर की कहानी हो और उसमें मुख्य भूमिका डैनी जैसे अभिनेता ने निभाई हो, उसका बेचैन इंतजार तो स्वाभाविक है. आशा है, यह बाइस्कोप से हम अपने समय को बेहतर तरीके से देखने का एक मौका मुहैया करा सकता है.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s